WhatsApp का आविष्कार कब और किसने किया था ?

आप हमारा यह आर्टिक्ल पढ़ रहे हैं, इसका मतलब यह है कि आपके पास एक स्मार्टफोन जरूर है। अगर आप एक स्मार्टफोन का उपयोग करते हैं, तो आप WhatsApp से अवश्य वाकिफ होंगे। WhatsApp आज उन एप्स में शामिल है, जिसने अपने यूजर्स को बहुत सुविधाएं प्रदान की है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक दुनियाभर में WhatsApp के 2 अरब से भी ज्यादा एक्टिव यूजर्स है। जिसमें सबसे ज्यादा भारत के है, भारत में 39 करोड़ लोग WhatsApp का उपयोग करते हैं। यह दुनिया में सबसे उपयोग किए जाने वाला मैसेन्जर एप है।

WhatsApp पर रोजाना 100 अरब से भी ज्यादा मैसेज भेजे जाते हैं। इसके अलावा रोजाना प्रत्येक यूजर औसतन 38 मिनट WhatsApp का इस्तेमाल करता है। Google Play Store पर व्हाट्सएप को 5 अरब से भी ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है। जिस कारण से यह दुनिया का सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग एप है।

WhatsApp के लोकप्रिय होने का सबसे बड़ा कारण इसका सरल सिद्धान्त है। जिसमें आपको न कोई विज्ञापन, न कोई खेल और न ही किसी प्रकार का कोई खतरा होता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि WhatsApp को जब दुनिया के सामने लाया गया था, उस समय इसको महज 50 कर्मचारी ऑपरेट कर रहे थे।

इतने लोकप्रिय एप के बारे में एक सवाल आपके मन में जरूर आता होगा, कि आखिर WhatsApp का आविष्कार किसने किया था? तो आज के इस लेख में हम आपके इसी सवाल का जवाब देंगे। लेकिन सबसे पहले जानते हैं कि WhatsApp क्या है?

WhatsApp क्या है?

Whatsapp ka avishkar kisne kiya

यह एक मुफ्त और मल्टीप्लेटफॉर्म मैसेजिंग एप है, जिसमें आपको वीडियो और वॉइस कॉल एवं टेक्स्ट मैसेज भेजने और प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करता है। जिसके लिए आपके मोबाइल में इंटरनेट कनैक्शन होना बहुत जरूरी है।

2 बिलियन से भी ज्यादा सक्रिय उपयोगकर्ताओं के साथ व्हाट्सएप उन लोगों के बीच में सबसे ज्यादा लोकप्रिय है। जो एक-दूसरे से बहुत दूर रहते हैं। वीडियो कॉल की मदद से हजारों किलोमीटर दूर बैठे व्यक्ति से बात करने और देखने की सुविधा WhatsApp प्रदान करता है।

व्हाट्सएप की वैश्विक लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण इसकी प्रत्येक देश में पहुँच, सरल और सीधी सुविधा के कारण है। दुनिया के कई विकासशील देशों में व्हाट्सएप लोगों की ज़िंदगी का एक अनिवार्य हिस्सा है। Facebook के स्वामित्व वाला यह एप दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग सेवाओं में से एक है।

WhatsApp जब लोगों के सामने आया था, तब टेक्स्ट मैसेज भेजने के लिए भुगतान करना पड़ता था। लेकिन व्हाट्सएप पहला मोबाइल एप था जिसने फ्री में टेक्स्ट मैसेज भेजने और वॉइस कॉल करने की सुविधा दी। इसके लिए बस आपके मोबाइल में एक Wi-Fi कनैक्शन की आवश्यकता पड़ती थी।

व्हाट्सएप का उपयोग करना बहुत ही आसान है, साथ ही यह अन्य प्रकार की सुविधाएं भी अपने यूजर्स को प्रदान करता है। इस तरह से WhatsApp अपनों के बीच की दूरियाँ मिटाने वाला एप है, जिसमें आपको मुफ्त में ढेरों सुविधाएं मिलती है।

व्हाट्सएप कैसे काम करता है?

WhatsApp का मुख्य आकर्षण यह है कि इसमें आपको सिर्फ एक इंटरनेट कनेक्शन की आवश्यकता पड़ती है, जिसका उपयोग कर आप कॉल, संदेश भेज और प्राप्त कर सकते है। जिसका अर्थ यह है कि यह लगभग मुफ्त सेवा है, क्योंकि आज के समय में इंटरनेट बहुत सस्ता मिलने लग गया है।

पहली बार एप में साइनअप करने के लिए भी कोई शुल्क नहीं लगता है और न ही किसी प्रकार का कोई अन्य भुगतान करना पड़ता है। इसके अलावा WhatsApp अन्य मैसेजिंग सेवाओं जैसे iMessage और गूगल के मैसेज जैसा ही है। नीचे हमने व्हाट्सएप की कुछ विशेषताओं के बारे में बताया गया है-

  • वॉइस और वीडियो कॉल– वॉइस कॉल के अलावा व्हाट्सएप वीडियो कॉल भी प्रदान करता है। इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि आप एक साथ कई लोगों को कॉल कर सकते हैं, जिसे ग्रुप कॉल कहा जाता है। हालांकि एक बार 8 यूजर्स एक साथ वीडियो कॉल कर सकते हैं।
  • वॉइस मैसेजिंग– WhatsApp में लोगों को अपनी वॉइस रिकॉर्ड कर भेज सकते हैं, इसके अलावा दूसरे यूजर्स से भी वॉइस मैसेज प्राप्त कर सकते हैं।
  • सुरक्षित मैसेजिंग– व्हाट्सएप एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का उपयोग करता है, एक सुरक्षित संचार मानक जहां केवल संदेश भेजने वाले लोग ही संदेशों को पढ़ सकते हैं। इसमें कोई अन्य तीसरा व्यक्ति न तो संदेश को प्राप्त कर सकत है और न ही पढ़ सकता है।
  • फोटोज और वीडियोज़ शेयर करना– व्हाट्सएप पर फोटोज और वीडियोज़ प्राप्त करने और भेजने की भी सुविधा है। इसमें फोटो और वीडियो के पिक्सल कम होने का कोई खतरा नहीं रहता है।
  • डोक्यूमेंट शेयरिंग– व्हाट्सएप पर आप विभिन्न प्रकार के डोक्यूमेंटस आसानी से भेज सकते हैं। जिसमें पीडीएफ़, वर्ड, एक्सल, स्प्रेडशीट और स्लाइडशो भेजने के आसान तरीके उपलब्ध है।
  • डेस्कटॉप एक्सैस– इसकी मदद से व्हाट्सएप को कम्प्युटर और पीसी में चलाने में मदद मिलती है। हल ही में व्हाट्सएप ने Beta version जारी किया है। जिसकी मदद से डेस्कटॉप में अब व्हाट्सएप को चलाना और भी आसान हो गया है।

व्हाट्सएप का इतिहास

WhatsApp के इतिहास को पढ़ने की जरूरत है, क्योंकि यह किसी भी सामान्य स्टार्टअप कहानी की तरह नहीं है। यह एप उन लोगों द्वारा बनाया गया था, जो कॉलेज छात्र न होकर किसी कंपनी में काम करने वाली कर्मचारी थे। इनको WhatsApp का आविष्कार करने के लिए बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ा। WhatsApp को बनाने वाले व्यक्ति 30 वर्ष की उम्र के थे।

व्हाट्सएप का आविष्कार किसने किया?

व्हाट्सएप का आविष्कार Brian Acton और Jan Koum ने किया था। इन्हें ही व्हाट्सएप का खोजकर्ता माना जाता है। साल 2009 में इन्होंने Yahoo से अपना इस्तीफा दे दिया था। याहू से इस्तीफा देने से पहले दोनों ने काफी सेविंग कर ली थी।

इसी बचत के सहारे दोनों ने दुनिया घूमने का प्लान बनाया। लेकिन कुछ ही समय बाद उनकी यह बचत खत्म हो गयी और उन्हें फिर से आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा। लेकिन उन्होंने इससे निपटने के लिए एक तरकीब निकाली, जिसमें उन्होंने Facebook में नौकरी के लिए आवेदन किया।

लेकिन Facebook में उन्हें कोई नौकरी नहीं मिली, जिससे दोनों काफी हताश हो गए थे। लेकिन उन दोनों की इसी असफलता में सफलता छिपी हुई थी और उस सफलता का नाम WhatsApp था।

2009 में WhatsApp 1.0 का आगमन

इसकी शुरुआत होती है जनवरी 2009 में, जब Koum ने एक नया iPhone खरीदा। iPhone में कौम ने महसूस किया कि हाल ही में आया एप स्टोर काफी सक्सेसफुल हो चुका है। अगर हम भी इस एपस्टोर पर कोई एप अपलोड करें तो इससे काफी पैसे कमाए जा सकते हैं।

वे एक ऐसा एप बनाना चाहते थे, जिसमें यूजर्स को उनके नाम के आगे उनकी स्थिति दिखाता हो। Koum ने इस मसले पर Acton के साथ काफी विचार-विमर्श किया और दोनों ने Alex Fishman के पास जाने का विचार किया। Alex Fishman ने उनको समझाया की iOS डवलपर के बिना यह संभव नहीं है।

एक iOS डवलपर की खोज करते हुए उनकी मुलाक़ात Igor Solomennikov से होती है। Igor एक रूसी डवलपर थे, जिन्होंने RentACoder.com की खोज की थी। Igor को दोनों का आइडिया काफी पसंद आया और उन्होंने इसके लिए हामी भर दी।

जैसे किसी भी महान काम की शुरुआत आसान नहीं होती है, वैसे ही इनके साथ हुआ। लेकिन इन्होंने ने अपना रास्ता महान लोगों की तरह खोज लिया था। वे इस पर लगातार मेहनत करने लगे और नए-नए प्रयोग से इस काम को आसान बनाने लगे।

उन्हें अपनी मेहनत का फल कुछ ही समय में मिला। 24 फरवरी, 2009 को Koum ने एक iOS एप्लिकेशन को विकसित करने में सफलता हासिल की, जिसे उन्होने WhatsApp Inc. नाम दिया। क्योंकि यह what’s up की तरह लग रहा था।

उन्होंने अपने दोस्तों खासकर Fisherman को WhatsApp दिखाया, लेकिन किसी को भी उनका यह एप पसंद नहीं आया। इसके अलावा इसमें जल्दी बैटरी खत्म करने, एप के क्रैश होने आदि कई समस्याओं ने Koum को काफी निराश कर दिया था।

Koum अपनी इस असफलता से काफी हताश हो गए थे। उन्होंने जल्द ही एक नई नौकरी की तलाश शुरू कर दी। परंतु Koum के दोस्त Acton यह जानते थे कि इस एप्लिकेशन में कुछ न कुछ दम जरूर है। अगर इसमें थोड़े बहुत बदलाव किए जाए तो उन्हें सफलता मिल सकती है।

Acton ने कौम को काफी समझाया और उन्हें एक कुछ शब्द कहे “You’d be an idiot to quit now. Give it a few more months.” इससे Koum को काफी प्रेरणा मिली और उन्होंने दोबारा से इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया।

The Push Notifications Add-On

जून 2009 में Apple ने Push Notification अपडेट लॉंच किया। इस अपडेट के पीछे का मकसद उपयोगकर्ताओं को यह याद दिलाना था कि वे इंस्टॉल किए गए एप्लिकेशन का उपयोग नहीं कर रहे हैं। Jan Koum के लिए यह अपडेट एक ऑफर के रूप में आया।

उन्होंने इस अपडेट का फायदा उठाया और WhatsApp में कुछ बदलाव किए। जिससे जब भी कोई यूजर एप्लिकेशन पर अपनी स्थिति बदलता था तो वह उसके दोस्तों को Push Notification भेज देता था।

Igor को यह काफी रोमांचक लगा और उन्होंने इसमें दोस्तों को “मैं देर से उठा” या “बात नहीं कर सकता, मैं जिम में हूं” जैसी स्थितियों को ping करना शुरू कर दिया था। जिससे हर यूजर के दोस्तों को पता लग जाता था कि वो क्या कर रहे हैं।

कुछ ही समय में यह फीचर इंस्टेंट मैसेजिंग के लिए एक चैनल बन गया। जिसमें यूजर्स एक-दूसरे के साथ स्टेटस के जरिए बात करने लगे। जैसे एक यूजर स्टेटस पर किसी का नाम लिखकर पूछता “तुम कैसे हो?” तो दूसरा यूजर अपना स्टेटस लगाकर अपने बारे में बताता।

धीरे-धीरे Jan Koum को इसे एक इंस्टेंट मैसेजिंग एप में अपग्रेड करने की आवश्यकता महसूस हुई। जिसने WhatsApp 2.0 का आविष्कार किया। इस तरह WhatsApp का आविष्कार करने के बाद Jan Koum का लोगों के नाम यह महत्वपूर्ण संदेश था।
“Being able to reach somebody halfway across the world instantly, on a device that is always with you, was powerful,” – Jan Koum

WhatsApp 2.0

इंस्टेंट मैसेजिंग एप्लिकेशन की मांग को महसूस करने के तुरंत बाद, व्हाट्सएप 2.0 को बीटा स्टेज में लॉन्च किया गया था। लोगों को यह आइडिया काफी पसंद आया था, क्योंकि इसमें सिर्फ एक फोन नंबर से लॉग इन कर मैसेज भेजे जा सकते थे। इसके लिए किसी ऑपरेटर की बजाय सिर्फ इंटरनेट कनैक्शन की आवश्यकता थी।

यूजर्स को यह एप्लिकेशन काफी पसंद आई, साथ ही डबल चेक (प्राप्तकर्ता तक संदेश पहुँच गया है) ने इसे अपने अन्य प्रतियोगियों से काफी एडवांस बना दिया था। खासकर ब्लैकबेरी का BBM और Google के G-Talk और Skype से। इस सुविधा ने WhatsApp के यूजर्स में भारी बढ़ोतरी की, कुछ ही समय बाद इसके यूजर्स बढ़कर 2,50,000 हो गए।

27 अगस्त, 2009 को यह App Store में में सबमिट किया गया। हालांकि इससे केवल संदेश भेजने और प्राप्त करने की ही सुविधा थी। इससे किसी भी प्रकार की मीडिया फ़ाइल नहीं भेजी जा सकती थी।

The Seed Funding

Seed Funding के बिना WhatsApp को इतने बड़े स्तर तक पहुंचाना असंभव था। यह एक ऐसी सुविधा थी जो आविष्कारकों को उनके बिज़नस बढ़ाने के लिए Funding प्राप्त करने में सहायता करती थी। Brian Acton इस समय तक WhatsApp के सदस्य नहीं थे।

लेकिन इन्होंने अपने 5 दोस्तों को WhatsApp में निवेश करने के लिए राजी किया, यह पांचों दोस्त Yahoo में काम करते थे। अपने दोस्त Acton की बात से सहमत होकर इन्होंने 2,50,000 डॉलर का भारी-भरकम निवेश किया। यह October, 2009 की बात है, इसके बाद Acton ने 1 नवंबर, 2009 को WhatsApp जॉइन किया।

WhatsApp में की गई इस फंडिंग ने अचानक से इसको बड़ी एप्लिकेशन बना दी। जिस कारण इसमें धीरे-धीरे बड़े बदलाव होने लगे। इन बदलावों में सबसे बड़ा बदलाव दुनिया के किसी भी देश में मैसेज को भेजना था।

WhatsApp की वैल्यू में भारी उछाल

इसके बाद WhatsApp का beta version समाप्त हो गया, और एप्लिकेशन को नवंबर, 2009 में एप स्टोर पर लॉंच कर दिया गया था। जो केवल iPhone यूजर्स के लिए था। यह एक सबसे बेहतरीन एप्लिकेशन थी जिससे दुनिया के अन्य देशों में मैसेज को भेजा और प्राप्त किया जा सकता था।

जैसे ही एप्लिकेशन को लॉंच किया गया, iPhone यूजर्स ने कंपनी को ढेरों ईमेल किए। इन ईमेल में यूजर्स ने कंपनी से व्हाट्सएप के भविष्य के बारे में पूछा। साथ ही उन्होंने इसे Nokia और BlackBerry में लॉंच करने के लिए भी गुजारिश की। क्योंकि इस समय यह दोनों मोबाइल टेक्नोलोजी के बाजार में मंझे हुए खिलाड़ी थे।

जेन ने जल्द ही अपने एक दोस्त क्रिस पेइफ़र को एप्लिकेशन का ब्लैकबेरी संस्करण बनाने के लिए काम पर रखा, जिसे उन्होंने दो महीने बाद लॉन्च किया। लेकिन संयुक्त राज्य अमेरिका में रहने वाले कई अन्य लोगों की तरह क्रिस को भी संदेह था- कि “लोगों के पास एसएमएस है, है ना? तो वे इसका क्यो यूज करेंगे?”

2009 के दौरान लगभग हर मोबाइल ऑपरेटर द्वारा एसएमएस और मुफ्त मिनटों के लिए फ्लैट दरों के प्लान लॉंच किए गए थे। संयुक्त राज्य अमेरिका में लोगों को व्हाट्सएप पर स्थानांतरित करने के लिए कोई कारण नहीं था। वास्तव में संयुक्त राज्य अमेरिका व्हाट्सएप के लिए अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला बाजार है।

परंतु Acton और Kaum ने इस एप्लिकेशन को USA की बजाय यूरोप और एशिया में भविष्य बनाने की योजना बनाई। जहां पर लोगों को टेक्स्ट भेजने के लिए काफी कीमत चुकनी पड़ती थी।

WhatsApp का Paid Model

शुरुआत में जब WhatsApp की शुरुआत की गई थी, तो उसके ऑफिस के बारे में जानकार आप दंग रह जाएंगे। दरअसल उस समय Evelyin Eve नामक व्यक्ति के गोदाम में WhatsApp के कर्मचारी काम करते थे। सभी कर्मचारी सस्ती तनख्वाह पर काम करते थे, जिससे काफी पैसों की बचत होती थी।

इसके अलावा Kaum और Acton ने शुरुआत के कई वर्षों तक फ्री में काम किया था। लेकिन समय के साथ पैसों की मांग होने लगी, जिस कारण दोनों ने WhatsApp का पैड मॉडल लॉंच किया। जिसमें आपको पहली बार WhatsApp चलाने के लिए 0.99 डॉलर का भुगतान करना पड़ता था।

एप्लिकेशन में फोटो भेजने की एक नई सुविधा और जोड़ी गई। हालांकि एप्लिकेशन के भुगतान के बाद भी उपयोगकर्ताओं की संख्या आसमान छू रही थी। इसलिए दोनों ने इसे कुछ और समय के लिए Paid मॉडल रखने का ही फैसला किया।

Sequoia का WhatsApp में निवेश

Koum और Acton वास्तव में मार्केटिंग के प्रशंसक नहीं थे। उनका ध्यान उस 1 डॉलर पर था, जो उसे यूजर्स द्वारा मिल रहा था। उनको देखकर लग रहा था कि वे इसी में संतुष्ट है। क्योंकि उनकी इससे अच्छी-ख़ासी कमाई हो रही थी। उस समय WhatsApp एप स्टोर पर टॉप-20 एप्स में से एक था।

WhatsApp के आविष्कारक Jan Koum और Brian Acton उन सभी लोगों से दूरी बना रहे थे, जो WhatsApp में निवेश करना चाहते थे। उनका मानना था कि यह सिर्फ एक खैरात है। इससे हम WhatsApp की सेवाओं पर ज्यादा ध्यान नहीं लगा पाएंगे और WhatsApp की रैंकिंग डाउन हो जाएगी।

हालांकि Sequoia Capital’s (एक फ़र्म जो Technology से जुड़े उत्पादों में निवेश करती है) के पार्टनर Jim Goetz दोनों से लगातार बात करने की कोशिश कर रहे थे। इन दोनों को लुभाने के लिए इन्होंने 8 महीनों से भी ज्यादा समय तक इंतजार किया।

वह अंततः उनसे मिलने में सफल रहे। जिसके बाद Goetz ने उनसे एक समझौता किया, जिसमें फर्म के 15 प्रतिशत हिस्से के लिए लगभग 8 मिलियन डॉलर का निवेश करने का प्रस्ताव रखा। इससे खुश होकर टीम ने सहमति व्यक्त की क्योंकि उसने उन पर विज्ञापन नहीं डालने का वादा किया था।

ठीक दो साल बाद फरवरी 2013 में उपयोगकर्ताओं की संख्या आश्चर्यजनक रूप से 200 मिलियन तक बढ़ गई और कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 50 हो गई। इसने उन संस्थापकों को अभिभूत कर दिया, जिन्होंने सिकोइया कैपिटल को दूसरे फंडिंग राउंड के लिए आमंत्रित किया।

जिसके परिणामस्वरूप एक और $50 मिलियन डॉलर का निवेश किया गया। इस तरह से WhatsApp की Startup $1.5 बिलियन तक पहुँच गई।

इसके बाद WhatsApp के ऑपरेटिंग मॉडल को एक सदस्यता मॉडल में भी बदल दिया। जिसमें पहली बार लॉग-इन करने पर एक साल तक किसी भी प्रकार का कोई शुल्क नहीं लगेगा। लेकिन एक वर्ष समाप्त होने के बाद उपयोगकर्ताओं से $1 का वार्षिक सदस्यता शुल्क लिया गया था।

निष्कर्ष:

तो दोस्तों ये था whatsapp का आविष्कार किसने किया था, हम उम्मीद करते है की इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपको पता चल गया होगा की whatsapp का आविष्कार कब हुआ था|

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